जय माँ सरस्वती
जग का कायाकल्प करेंगे
हर हवा का रुख करेंगे
ज्ञान के अनुकूल
हमारा वी. डब्ल्यू. ए. हाईस्कूल ॥१॥
बागबाँ ने बीज बोया
बीज तरुवर बन गया,
हिंद देखो, आज यह
दुनिया का गुरुवर बन गया,
बदले हैं फूलों में हमने
अगनित ही शूल
हमारा वी. डब्ल्यू. ए. हाईस्कूल ॥२॥
आँधियों में देखो हम
दीपक जलाते हैं,
नन्हे मुन्ने तारों को
सूरज बनाते हैं,
आत्मा में पालते हैं
नेकियों के उसूल
हमारा वी. डब्ल्यू. ए. हाईस्कूल ॥३॥